Date: 27 February 2018

Time: 3 pm -6pm

Location:  कला केंद्र , भागलपुर

Name of Event/Activity: होली मिलन

Type of Activity: सांस्कृतिक कार्यक्रम  

Brief Description: Highlights of the activity (Not more than 300 words)

27 Feb.2018

पीस सेंटर परिधि द्वारा कला केन्द्र भागलपुर में आयोजित होली मिलन में लगभग सवा सौ लोगों ने भागीदारी की और इसे लोकोत्सव सा माहौल प्रदान किया । कविता , मुशायरा के साथ साथ साथ पारम्परिक होली गीतों ने सबका मन मोह लिया । एकराम हुस्सैन साद, डा प्रेम चंद पांडे, अश अर ऊरैनवी, डा हबीब मुर्शीद खाँ ,पिंकी मिश्रा , सरिता सिन्हा, ऐनुल होदा, मुन्ना चौधरी, ऊज्मा आशअर आदि ने अपनी रचनओं से होली मिलन को एक आनन्ददायक और वैचारिक दिया । जहाँ एक ओर कवियों , शायरों , समाजकर्मियो, झुग्गीवासियों , महिलाओं , अल्पसंख्यकों ने महती भागीदारी की वहीं बच्चों ने शामिल होकर इस आयोजन को उत्सव में बदल दिया । स्काउट एण्ड गाइड के बच्चे भी शामिल हुए| इस आयोजन में शहर गांव और झुग्गी झोपड़ी के सामाजकर्मी और संस्कृतिकर्मियों ने भाग लिया . कार्यक्रम का संचालन संस्कृतिकर्मी एवं चित्रकार राहुल ने किया . कार्यक्रम शुरू करते हुए परिधि के निदेशक उदय ने कहा कि होली लोकउत्सव है . यूं तो इस उत्सव से प्रह्लाद की पौराणिक गाथा जुड़ी है जो बुराई पर अच्छाई के जीत का प्रतीक है . लेकिन यह उत्सव खेतिहरों की संस्कृति से भी जुड़ी है . नये रबी फसल के आने और नव वर्ष के आगमन के स्वागत में भी ये उत्सव मनाया जाता है . इस लोकोत्सव में केवल रिचुअल होता है कर्मकांड नहीं . होली कई रूपों में देश में मनाया जाता है . होली विभिन्न रंगों का त्योहार है . अनेक रंग ही देश की विविधता है .देश में  एकरंगी संस्कृति नहीं हो सकती . होली विभिन्न समुदायों द्वारा मनाया जाता है . होली हमें मिल्लत और भाईचारा का संदेश देता है . किन्तु कुछ शरारती तत्व आज संस्कृति के नाम पर भारतीय संस्कृति को ही खंडित कर रहे हैं . पीससेन्टर परिधि के होली मिलन समारोह में पारम्परिक होली गीत के साथ कविता और मुशायरा भी हुआ . कार्यक्रम में महिलाओं , बच्चों , अल्पसंख्यकों बड़ी संख्या में हिस्सा लिया . सभी ने एक दूसरे को अबीर लगाया , एक दूसरे को होली का मुबारकवाद और पुआ भी खिलाया .कार्यक्रम में भागलपुर विश्वविद्यालय के डी एस डब्लू डॉ योगेंद्र ने कहा कि होली का उत्साह घटता जा रहा है .उत्साह पर राजनीतिज्ञों और बाजार ने पानी फेर दिया है . सभी ने पानी बचाने और सेफ होली खेलने और पर्यावरण बचाने वाली होली खेलने का आग्रह किया . कार्यक्रम में सर्वश्री रामशरण जी डॉ हबीब मुर्शिद , एनुल होदा , सरिता सिन्हा , छाया पांडेय , पिंकी मिश्रा , मो. साइन ,  मो.सत्तार , रिजवान आदि ने अपनी बातें रखी . कार्यक्रम संयोजन में अजय , मनोज , संगीता ,सुषमा ,ललन , दुर्गा , अभिजीत शंकर आदि में मदद की |


Date: 14 February 2018

Time : 3pm -5pm

Location: आंबेडकर चौक, भागलपुर

Name of Event/Activity : प्रतिवाद प्रदर्शन     

Type of Activity : नुक्कड़ सभा

14 Feb-2018

इलाहाबाद (यू पी) में दलित छात्र दिलीप सरोज की बर्बर हत्या के खिलाफ प्रतिवाद-प्रर्दशन

 इलाहाबाद (यू पी) में एल एल बी कर रहे दलित छात्र दिलीप सरोज की बर्बर हत्या के खिलाफ न्याय के लिए जारी देशव्यापी प्रतिवाद के साथ आवाज में आवाज मिलाते हुए भागलपुर स्टेशन चौक पर भी जुझारू प्रतिवाद-प्रर्दशन हुआ। प्रर्दशनकारियों ने दिलीप सरोज के हत्यारों की अविलंब गिरफ्तारी करने व कठोर सजा देने के साथ ब्रह्मणवादी-जातिवादी-सांप्रदायिक ताकतें मुर्दाबाद के नारे लगाये।

प्रतिवाद-प्रर्दशन के साथ आयोजित सभा को संबोधित करते हुए  रिंकु यादव,  एवं वरिष्ठ सामाजिक कार्यकर्ता एमुल होदा ने कहा कि उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ के सत्ता में आने के बाद से दलितों-पिछड़ो-अल्पसंख्यकों व महिलाओं पर ब्रह्मणवादी-सवर्ण सामंती व सांप्रदायिक शक्तियों का हमला तेज हुआ है। ऐसी शक्तियों को सत्ता संरक्षण दे रही है तो दूसरी तरफ, सीधे-सीधे सरकार की पुलिस दलित-पिछड़ों-अल्पसंख्यकों को निशाना पर ले रही है। फर्जी इनकाउंटर्स में हत्याएं की जा रही है। फर्जी मुकदमों में फंसाकर जेल में डाला जा रहा है। लोकतंत्र की हत्या करते हुए चंद्रशेखर रावण ऐसे दलित नौजवान को रासुका के तहत जेल में डाल रखा गया है। जनसंसद के रामानंद पासवान  एवं पीस सेंटर, परिधि के राहुल ने कहा कि  नफरत-हत्या व बर्बर हिंसा को बढ़ाने का काम कुछ लोग और विचारधारा कर रही है। ऐसी ताकतों को शिकस्त देकर ही समाज व देश प्रगति व प्रेम के रास्ते आगे बढ़ सकता है। मौके पर सोशलिस्ट युवजन सभा के गौतम कुमार प्रीतम एवं परिधि के ललन ने कहा कि मौजूदा समय में केवल कमजोर समुदायों पर हमला तेज नहीं हुआ है, बल्कि देश का संविधान व लोकतंत्र निशाने पर है। संविधान के बजाय देश को मनुविधान के आधार पर चलाने किया तैयारी कर रहा है। इसे हमें कतई सफल नहीं होने देना है। अर्जुन शर्मा, अनजनी ने दिलिप सरोज के हत्यारों की अविलंब गिरफ्तारी के साथ कठोर सजा की गारंटी की मांग की। सामाजिक कार्यकर्ता रिजवान खान और दाउद अली ने कहा कि ब्रह्मणवादी-जातिवादी-सांप्रदायिक हिंसा का प्रतिरोध को शिकस्त देना ही होगा।


Date 13 February 2018

Time: 5pm -8pm

Location:  बड़ी जमीन, गोराडीह, भागलपुर

Name of Event/Activity:  फिल्म शो – 30 जनवरी 1948 और ओ माई गॉड

Type of Activity :  फिल्म और बात चीत

13 Feb. 2018

 गाँधी की हत्या को लेकर कई तरह भ्रांतियां फैलाई गयी है जिसे युवा पीढ़ी सच मानकर गलत समझ बना रहे हैं | इन झूठे तत्थ्यो के कारण सिर्फ गाँधी की छवि ही नहीं बल्कि भारत की विविधता और देश के एकता के सूत्र भी कमजोर पड रहे हैं | गाँधी ने किन मूल्यों के लिए जीवन जी यह भी जानना जरुरी है | इन्ही उद्देश्यो से 13 फ़रवरी को बड़ी जमीन गोराडीह में फिल्म- “30 जनवरी 1948” दिखाया गया | फिल्म प्रदर्शन के बाद ग्रामीण और युवाओं के साथ संवाद हुए | ग्रामीणों और युवाओं ने अपनी बात राखी और कुछ सवाल भी किये| जिसका जवाब भूतपूर्व पंचायत सदस्य-मुनिलाल मंडल, शिक्षक-शिवदानी मंडल और राहुल ने बारी बारी से दिया|

युवाओं ने कहा कि हमें तो जानकारी थी कि पकिस्तान के बनने में गाँधी का योगदान है, साथ ही यह भी कि गाँधी पाकिस्तान परस्त और मुस्लिम परस्त थे इसीलिए गोडसे ने उनकी हत्या की | पर जब फिल्म देखी तब पता चला कि पाकिस्तान की बात तो हिन्दू महासभा ने पहले उठाया फिर मुस्लिम लीग ने | जवाब देते हुए शिक्षक शिवदानी मंडल कहा कि गाँधी को हिन्दू और मुसलमान के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए बल्कि एक धार्मिक मानव के रूप में देखा जाना चाहिए | वे “वसुधैव कुटुम्बकम” में विश्वास रखते थे | पाकिस्तानी उनके लिए कोई अलग नहीं था | इसलिए आजादी के बाद भी वे दोनों देश की एकता की बात सोचते थे | आगे बात को बढ़ाते हुए राहुल ने कहा कि गाँधी को छोटा करने का मतलब होता है उनके “सर्वधर्म समभाव” और “वसुधैव कुटुम्बकम” के विचार को कमजोर करना | गाँधी, आंबेडकर ने जिस विविधतापूर्ण देश को जाना समझा और एक सूत्र में पिरोया उस धागे को कमजोर करने की कोशिश कुछ लोग कर रहे हैं | इसे रोकना है |


Date: 7-8 February 18

Time: 10 am-8 pm

Location : पीस सेंटर paridhi कार्यालय, भीखनपुर, भागलपुर

Name of Event/Activity : युवा क्षमतावर्धन कार्यशाला

Type of Activity : कार्यशाला

पीस सेंटर भागलपुर द्वारा 7 एवं 8 फ़रवरी को दो दिवसीय युवा क्षमतावार्धन कार्यशाला का आयोजन हुआ | पीस सेंटर परिधि ने युवा क्षमतावर्धन कार्यशाला का आयोजन परिधि कार्यालय भीखनपुर में किया | 7 फ़रवरी को प्रथम सत्र में युवाओं की समस्या, वर्तमान परिस्थिति की दिशा पर समूह चर्चा हुई | समूह चर्चा में अपनी अपनी राय रखते हुए प्रतिभागियों ने कहा की आज बहुत से युवाओ को सबसे बड़ी समस्या देस की सुरक्षा लगती है और इसके लिए पकिस्तान व एक खास समूह को बड़ा जिम्मेदार माना जा रहा है | हमें लगता है कि देश की मजबूती पडोसी देशों पर बल दिखाकर दर्शाया जा सकता है | फिर सहभागी पद्धति से सबों ने सामाजिक समस्याओ को चिन्हित किया | लगभग सबों ने लैंगिक विषमता और साम्प्रदायिकता को प्रमुखता से चिन्हित किया | इन्ही दो विषयों पर कार्यशाला में चर्चा का मुद्दा माना गया | 7 फ़रवरी की साम्प्रदायिकता पर और 8 फ़रवरी को लैंगिक विषमता पर चर्चा हुई | साम्प्रदायिकता धर्म की नहीं बल्कि घृणा की राजनीती है | एक समुदाय के प्रति घृणा और आक्रोश पैदा कर सत्ता हासिल करना ही साम्प्रदायिकता है यह सत्ता कोई भी हो सकती है –राजनैतिक,धार्मिक या सामाजिक | इसके लिए फासीवादी तरीका अपनाया जाता है |

7 feb.2018

चर्चा के बाद डा राम पुनियानी के धर्म, इतिहास और इतिहास के साम्प्रदायिकरण से सम्बंधित संवाद वीडियो देखा गया और उसपर चर्चा की गयी |

कार्यशाला के दुसरे दिन सामाजिक समता और लैंगिक विषमता पर चर्चा हुई |इस सत्र को सुषमा ने फेसिलेट किया | इसमें चर्चा हुई कि परिवर्तन अवश्यम्भावी है | समता और सम्मान की चाहत ने मनुष्य सभ्यता को आगे बढ़ाया है | यथास्थितिवादी हमेशा अपना विशेषाधिकार कायम रखना चाहते हैं | विषमता और विशेषाधिकार बनाये रखने के लिये संस्कृति, धर्म और राष्ट्रवाद का सम्प्रदायिक उन्मादी उपयोग करते हैं | नस्ल श्रेष्ठता के लिये भी वे संस्कृति का इस्तेमाल करते हैं | सही अर्थों में हजारों वर्षों के मेल-जोल लेन-देन से संस्कृति बनती है | संस्कृति मानव मूल्यों का धरोहर होता है जिसमें अग्रगामिता का गुण होता है | हर बेटी के लिये दुनिया सुरक्षित और सुंदर हो | उसकी जद्दोजहद और तरह तरह की घटनाये चैन से घर में रहने कहाँ देती है | रोज़ रेप, हत्या, हिंसा कहाँ कहाँ पुलिस बिठाओगे | जब तक दिमाग नही बदलेगा दुनिया लहूलुहान रहेगी | न खुशियाँ होगी न प्रेम जीयेगा । बेटियां भोग्या नहीं जिसे जैसे-तैसे छोड़ दिया जाय | बेहतर उन्नत और प्रेम मूलक समाज के किये लिंग भेद समाप्त करना बहुत जरुरी है | यथास्थितिवाद से बाहर निकलने की प्रक्रिया ही रास्ता है परिवर्तन का, युवाओ को जायज सवाल पर खड़े होने का ॥ युवाओं को आगे आकर लैंगिक विषमता को दूर करने हेतु पितृसत्ता को कमजोर करना होगा |

 


Name of Event/Activity: क्रिसमस मिलन

Date: 23 December 2017

Time: 2 pm to 5 pm

Location:  कलाकेन्द्र, भागलपुर

Type of Activity: संवाद और सांस्कृतिक कार्यक्रम

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Brief Description: Highlights of the activity

इस वर्ष भी हम क्रिसमस मिलन पर इकट्ठे हुए . केक मिठाई नमकीन के साथ मीठी बातें गीत और नृत्य भी . क्रिसमस मिलन कला केंद्र, भागलपुर में पीस सेंटर परिधि द्वारा आयोजित था . कई साथी अंत अंत तक आते रहे . स्वागत समन्वयक राहुल ने किया और संचालन उदय ने . अध्यक्षीय वक्तव्य डॉ प्रतिभा सिन्हा ने दिया .इस अवसर पर ईसाई ,हिन्दू मुस्लिम और अनीश्वरवादी समुदाय के 100 के करीब लोग मौजूद थे . ग्रामीण इलाके गोराडीह आदि से भी सहभागी शामिल हुए . रामशरण जी ने विभिन्न त्योहारों पर आयोजित मिलन समारोह के महत्व के साथ साथ ईसाइयत और ईसाइयों के शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में योगदान पर प्रकाश डालते हुए बिषय प्रवेश किया . रामशरण जी होली मिलन ,ईद मिलन और क्रिसमस मिलन के प्रेरणा स्रोत हैं . उनकी उपस्थिति हमें ताकत देती है .सभी ने कहा हमें उस भारत पर गर्व है जिसमें विभिन्न धर्म सम्प्रदाय के लोग रहते हैं . किन्तु कुछ राजनीतिक शरारती आजकल इस ताना बाना को तोड़कर , नफरत की बातें फैलाकर सत्ता पाने का खेल खेल रही हैं .उत्सवता सभी को अच्छा लगता है , त्योहार धर्म परम्परा और खास समुदाय से भी जुड़े होते हैं . कोई धर्म ऐसा नहीं है जिसमें अच्छाई न हो , कोई धर्म ऐसा नहीं है जिसमें ढोंग , ढकोसला , अंध विश्वास, कर्मकांड और कुरीतियां न हो . धर्म को राष्ट्रवाद जोड़ना मूर्खता ही है . दो समानधर्मी देश आपस में झगड़ते देखे जा सकते हैं .

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Type of Activity : कार्टून कामिक्स कार्यशाला  

Date: 19-22 December 2017

Time : 10 am to – 3 pm 

Location: सरयुदेवी मोहनलाल बालिका उच्च विद्यालय, मिरजान हाट, भागलपुर 

Name of Event/Activity : कामिक्स फॉर चेंज  

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Brief  Description: Highlights of the activity

    पीस सेंटर paridhiभागलपुर द्वारा सरयू देवी मोहन लाल बालिका उच्च विद्यालय मिरजानहाट में “कॉमिक्स फॉर चेंज” कार्टून कार्यशाला का आयोजन किया गया | 19 से 22 दिसंबर तक आयोजित कार्टून कॉमिक्स कार्यशाला में 36 किशोरियों ने हिस्सा लिया | चार दिनों के इस कार्यशाला में सहज व सरल तरीके से कार्टून कॉमिक्स बनाना सिखाया गया और अंत में सभी प्रतिभागियों ने कॉमिक्स का निर्माण किया | ग्रास रूट कॉमिक्स द्वारा आम जन की समस्यायों, विचारों को हम उकेर सकते हैं | इतना ही नहीं यह अभिब्यक्ति का साधन भी है | कार्यशाला के पहले दो दिन कार्टून के विभिन्न रूपों , फेस एक्सप्रेसन, मुभमेन्ट, टेक्सचर आदि की जानकारी दी गयी | फिर कहानी लेखन, विषय का चुनाव आदि करने और अपनी कहानी चुनने का काम हुआ | प्रतिभागियों ने कुछ प्रमुख समस्याओं को चिन्हित कर उसपर एक कहानी लेखन किया | कहानी के उद्देश्य और सन्देश पर सभी ने सामुहिक चर्चा की | पुन: कहानी का उद्देश्य अनुसार परिमार्जन कर चित्रों में उतरा गया | ये चित्र कथा की तरह चित्रित किये गये और अंत में समाज को सन्देश देता कॉमिक्स बन कर तैयार हो गया |

  22 दिसंबर को कार्यशाला के अंतिम दिन प्रतिभागियों द्वारा निर्मित कॉमिक्स पोस्टर की प्रदर्शनी लगायी गयी | इस मौके पर शिक्षक, विद्यार्थी सहित कुछ गण मान्य लोग भी उपस्थित हुए | कार्यशाला के समापन पर कॉमिक्स पोस्टर को देखकर दर्शकों ने कहा कि इतने कम समय में 36 प्रभागियों ने खुद को अभिब्यक्त तो किया ही साथ ही साथ समाज को लिंग भेद , बाल विवाह , दहेज़ जैसे मुद्दों पर संवेदित करता पोस्टर भी बनाये |

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संवाद और श्रद्धांजलि सभा

Type of Activity: प्रतिवाद सभा

Date: 10 December 2017

Time: 4 pm – 6 pm

Location:  आंबेडकर चौक, भागलपुर

Name of Event/Activity: राजसमन्द में हिंदुत्व के नाम पर की गयी हत्या का विरोध

Brief Description: Highlights of the activity (Not more than 300 words)

मानवाधिकार दिवस पर स्टेशन चौक पर राजस्थान के राज समंद में अफराजुल की नृशंसतापूर्वक की गई हत्या के विरुद्ध प्रतिरोध सभा का आयोजन की किया गया . हिन्दू के नाम पर ,धर्म के नाम पर आम लोगों को क्रूर और आक्रामक बनाया जा रहा है . जाहिर है आर एस एस ,बीजेपी और उससे जुड़े संगठन को हिन्दुओं से कुछ लेना देना नहीं है . हिंदुत्व के नाम पर मुसलमानों और अल्पसंख्यकों के विरुद्ध घृणा ,नफरत फैलाकर ध्रुवीकरण उनका एक मात्र मकसद है . हिन्दू गर्व के नाम की जा रही हत्या , क्रूरता और नृशंसता के कारण , ये लोग हिन्दू को कहीं गाली न बना दे.. और लोग कहने लगे ” हिन्दू कहीं का ” , क्यों बे हिन्दू आदि . अगर हिन्दुओं का स्तर गिरा ( गिर रहा है ) तो इसकी पूरी जिम्मेदारी हिन्दू का राजनीतिक इस्तेमाल करने वाले समूह पर जायेगा . कार्यक्रम न्याय मंच ,पी एस ओ , सोसलिस्ट युवजन सभा और पीस सेंटर परिधि आदि की ओर से आयोजीत था . कार्यक्रम में रिंकू , ललन , विक्रम , रिजवान , अर्जुन शर्मा , फारूक आजम ,अंजनी विशु और उदय ने सम्बोधित किया , संचालन राहुल ने किया .


 मानवाधिकार दिवस

Date: 10 December 2017

Time: 10 am to 1 pm

Location: ईडन फ्लोर एकेडेमी, खीरीबांध, भागलपुर

Type of Activity:  संवाद

Brief Description: Highlights of the activity

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मानवाधिकार दिवस पर इडेन फ्लोर एकेडमी खीरी बांध में संवाद का आयोजन किया गया | इस अवसर पर विषय प्रवेश कराते हुए पीस सेंटर के संयोजक राहुल ने कहा की मनुष्य कभी अकेला नहीं रह सकता | प्रेम बराबरी और सम्मान सबकी आकांक्षा है | इसकी पूर्ति तभी होगी जब हम एक दुसरे को यह सब प्रदान करें | हमारे देश का कानून भी इन मानवीय मूल्यों को महत्व देता है | बाबजूद इसके आज भी मानवीय गरिमा का हरण हो रहा है और यह दोनों स्तर पर जारी है – ब्याक्तिगत स्तर पर और संगठित स्तर पर जैसे सरकार या राज्य द्वारा | अक्सर राज्य बड़े स्तर पर मानवाधिकार का हनन करता है | इसे आम जन के संगठन द्वारा ही रोका जा सकता है | आज एक खास तरह का विचार अपने पंख फैला रहा है जो वर्तमान मानवतावादी विचारों को ही समाप्त कर नफरत और गैरबराबरी वाला कानून चाहता है | किसी खास जाति, समाज, धर्म, समुदाय को बड़ा और गौरवपूर्ण बताने और दुसरे को छोटा बताने का कुचक्र चल रहा है | एक ओर हम बराबरी और सम्मान के लिए लड़ रहे हैं वही दूसरी ओर प्रतिगामी विचार धारा मानवाधिकारों के हनन पर लगी है | मुख्य अतिथि aalआल इंडिया सेक्युलर फोरम के श्री उदय ने कहा कि मानवाधिकार एक शास्वत अधिकार है यह मनुष्य होने के नाते हमें मिल जाता है | पर हर शासन, समाज और राज्य द्वारा इसका हरण होता है | क्या देश फिर से ऐसे विचारों के कब्जे में चला जायेगा ? मानवाधिकार को हम सामुहिक और लोकतान्त्रिक तरीके से ही बचा सकते हैं | मानवाधिकार का एक बड़ा प्रश्न महिलाओं के अधिकार को लेकर है | आज भी हम महिलाओं को बराबर मानने को तैयार नहीं | ठीक यही या इससे भी बदतर स्थिति दलितों की है | कानून बन जाने के बाद भी सामाजिक तौर पर दलितों को बराबरी, सम्मान और अवसर नहीं दिए जा रहे | हमारे अधिकार तभी सुरक्षित रह सकते हैं जब हम उनके अधिकारों का अतिक्रमण न करें |

 


संवाद और श्रद्धांजलि सभा

Date: 6 December 2017

Time: 12pm-3 pm

Location : बड़ी जमीन,गोराडीह, भागलपुर

Name of Event/Activity : आंबेडकर परिनिर्वाण दिवस

Brief  Description: Highlights of the activity

20171206_135715 (2) 6 दिसंबर 2017 को गोराडीह प्रखंड के जमीन मुरहन पंचायत के बड़ी जमीन गांव में बाबा साहब अम्बेडकर का महानिर्वाण दिवस मनाया गया . कार्यक्रम में वर्तमान सरपंच , भूतपूर्व सरपंच , भूतपूर्व पंचायत समिति सदस्य और गोराडीह प्रखण्ड के उपप्रमुख सहित कई पंचायत प्रतिनिधि एवं गणमान्य और सामान्य लोगों ने हिस्सा लिया . सबों ने बाबा साहब को भाव भीनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि बाबा साहब द्वारा बनाये संविधान जो हमें समता , स्वतंत्रता और लोकतन्त्र का अधिकार देता है , धर्म , भाषा , संस्कृति की आजादी देता है , को खारिज करने का प्रयास मनुवादियों द्वारा हिंदुत्व की स्थापना के नाम पर किया जा रहा है .यही कारण है कि बाबरी मस्जिद को ढहाने का दिन इन लोगों ने 6 दिसम्बर को चुना . बाबरी मस्जिद नहीं उस दिन मनुवादियों ने देश के लोकतांत्रिक संविधान को ध्वस्त किया . कानून के राज को धत्ता बताया . इस संविधान को समाप्त कर दकियानूस ताकतें एक विशेषाधिकारवादी ,वर्चस्ववादी संविधान लाना चाहते हैं जिसमें कमजोरवर्ग हेतु विशेष अवसर नहीं होंगे  अवसर पर सबों ने संविधान की रक्षा का संकल्प लिया . सबों ने समता , लोकतंत्र , धर्मनिरपेक्षता और सामाजिक न्याय के संघर्ष को आगे बढ़ाने का भी ऐलान किया . 6 दिसंबर भारतीय संविधान के शिल्पकार और सामाजिक न्याय के पुरोधा बाबा साहब भीमराव अम्बेडरकर का महानिर्वाणदिवस है . हमने लोकतंत्र , समता , धर्मनिरपेक्षता के मूल्यों को संविधान में अंगीकार किया . 6 दिसंबर को ही हिन्दू आतताइयों ने बाबरी मस्जिद ढाहकर इस देश के संविधान ,लोकतंत्र और कानून के राज को ढाहने की कोशिश की .

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28th June Eid Milan

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 Event for Iftar

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10th to 12th June 2017 Samaj Nirman Yatra

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14th June 2017, Workshop on Capacity Building for youth

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Event for Sahadat Diwas

23rd and 25th March 2017

Event for Shahadat diwas

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Holi Milan

11th March 2017

Holi Milan


Mahila Day

8th March 2011

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 Sanvad सामजजक न्याय हदिस

20th February 2017

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Prativad March 

13th February 2017

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 झुग्गी वार्समों के स्थाई आवास हेतु यणनीनतक फैठक

12th February 2017

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Event for Sant Ravidas Jayanti

10th  February 2017

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Name of Event: Ambedkar Parinirwan Diwas

Date: 6th December 2016

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Name of Event: Human Rights Day 

Date: 10th December 2016

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Name of Event: Meeting Against Lathi Charge

Date: 12th December 2016

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Name of Event/Activity:संवाद :दलित और महिला हिंसा

Date: 3 November 2016

Time:1-4 pm,  Location: Siyargarh, Goradih

Type of Activity:संवाद

Brief Description:

महिला हिंसा पर बैठक दलित महिलाओं और किशोरियों के साथ गोराडीह प्रखंड के सियारगढ़ गांव में हुआ | दलितों पर हो रहे हमले और हजारों वर्षों के शोषण पर चर्चा हुई ताकि इन हमलों का प्रतिकार किया जा सके |

Theme: दलित और महिला हिंसा

Rationale: दलितो औरमहिलाओ के शोषण को आम जन को समझाना

Resource Person/s.उदय , जयनारायण और मंजीत कुमार

Impact of Activity:

  1. Total number of participants (in that activity) : 33
  2. Feedback:
  3. From Participants: दुसरे उच्च जाति के लोग हम महिलाओं को बुरी नजर से देखता है | एक दो बार विरोध भी किये हैं पर और खुलकर विरोध की जरुरत है |

From Resource Persons : दलितों में भी महिला अधिक पीड़ित हैं पर इनके मुखर होने संभावना भी अधिक है |


Name of Event/Activity:पोस्टर प्रदर्शनी

Date: 6 November 2016

Time: 4 – 8 am, Location:  काली घाट, मायागंज, भागलपुर

Brief Description:

पीस सेंटर, परिधि की ओर से मायागंज घाट पर छठ के अवसर पर पोस्टर प्रदर्शनी लगाई गई. पोस्टर सद्भाव और विविधता की संस्कृति पर केंद्रित था | अस्ताचलगामी सूर्य को अर्ग दिया गया|छठ बिहार का एक प्रमुख पर्व है | इस मौके पर सिर्फ हिन्दू ही नहीं बल्कि कई मुसलमान परिवार भी छठ व्रत करते हैं | इसलिए यह अलग है और अनूठा है | एक बात और यह लोक पर्व है इसमें पंडित नहीं होते बस व्रती होते हैं | पीस सेंटर द्वारा इस अवसर पर छठ घाट पर सौहार्द पोस्टर लगाया गया | इसके माध्यम से भारत की सांस्कृतिक पहचान राखी गई |

Theme:  मिल्लत की संस्कृति

Rationale: मिल्लत का माहौल बनाना

Resource Person/s :-उदय

Impact of Activity:

  1. Total number of participants (in that activity) : 500
  2. Feedback:

From Organizers : यह एक अच्छा अवसर था जब सैकड़ो की संख्या में लोग हों और हम समाज को एक सन्देश दे सके |

From Participants : बहुत अच्छा लगा पूजा के साथ साथ अच्छी बातें सिखने को मिल गई |


Name of Event/Activity: बाल दिवस

Date: 14 November 2016

Time:12-3 pm, Location:  बड़ी जमीन, गोराडीह

Type of Activity: सांस्कृतिक कार्यक्रम, भाषण- मेरे सपनो का भारत

Brief Description:

बाल दिवस के अवसर पर बड़ी जमीन में कई तरह के कार्यक्रम हुए | सर्व प्रथम किशोर और किशोरियों ने “मेरे सपनो का भारत”विषय पर भाषण प्रतियोगिता में हिस्सा लिया | इसके बाद सबने मिलकर देशभक्ति गीत नाटक आदि सांस्कृतिक कार्यक्रम किये | कार्यक्रम में विस्तार से अपनी बात रखते हुए उदय ने कहा-जवाहर लाल नेहरू- आधुनिक भारत के निर्माता , जमींदारी उन्मूलन , पंचशील के प्रणेता और गुटनिरपेक्ष आंदोलन के लिये जाने जाते हैं | इन्होने भारत को विविधता की ताक़त के रूप में समझा |

Theme:  मेरे सपनो का भारत

Rationale: किशोरों में विविध की संस्कृति की समझ विकसित करना

Impact of Activity:

  1. Total number of participants (in that activity) : 52
  2. Feedback:

From Organizers : कार्यक्रम बहुत ही अच्छा था | ग्रामीण क्षेत्रों में इससे जानकारी का संचार हुआ |

 


Type of Activity:संवाद

Name of Event/Activity:कश्मीर की कहानी सुरेश खैरनार की जुबानी

Date:24 November 2016

Time:1 pm, Locationगाँधी शांति प्रतिष्ठान केंद्र , भागलपुर

Brief Description:

24 नवम्बर को गांधी शांति प्रतिष्ठान केंद्र में ” कश्मीर की कहानी : सुरेश खैरनार की जुबानी ” संवाद का आयोजन हुआ . आयोजन पीस सेंटर ,परिधि और ऑल इंडिया सेकुलर फोरम की ओर से था . 1 -12 Oct तक कश्मीर में बिताये अनुभव के आधार पर डॉ. सुरेश खैरनार ने कश्मीर के राजनीतिक सामाजिक हालात को रखा . उन्होंने कहा 1000 के करीब लोगों की आंखें पिलेट गन से जा चुकी हैं . कश्मीर की आजदी जन आंदोलन में परिणत हो चूका है . 80 लाख लोगों पर 10 लाख सेना है, लगभग एक परिवार पर एक सैनिक . फिर भी स्थिति नियंत्रण से बाहर है . इतनी बड़ी आबादी को मारकर या दबाकर अपने साथ नहीं रखा जा सकता . कश्मीर हमारा और कश्मीरी बेगाना कैसे हो सकता है . उन्होंने यह भी कहा कि 1964 तक कश्मीर का अपना संविधान और अपना सुप्रीम कोर्ट था . कश्मीर के मुख्य मंत्री को प्रधानमंत्री कहा जाता था . सभी रियासत के नुमाइंदे संविधान में थे पर कश्मीर का कोई नुमाइंदा नहीं था . धारा 370 पर श्यामा प्रसाद मुखर्जी के सहमति के हस्ताक्षर हैं . बॉर्डर पर बसे लोग युद्ध नहीं चाहते.कश्मीर हमारे साथ जन पहल से ही रह सकता है .
कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ .प्रतिभा सिन्हा , संचालन राहुल , बिषय प्रवेश उदय और धन्यबाद ज्ञापन ललन ने किया .

 Theme:  कश्मीर की समस्या

Rationale: कश्मीर की समस्या को समझना

Resource Person/s: डा. सुरेश खैरनार

Impact of Activity:

  1. Total number of participants (in that activity) : 53
  2. Feedback:

From Organizers : कश्मीर पर बात करने को लोग मुस्लिम और पकिस्तान परस्त होना मानते है

From Participants : कश्मीर को कश्मीरी की नजर से समझा जाना चाहिए

From Resource Persons : कश्मीर के हालात बहुत ही भयावह हो चला है पर शेष भारतीयों को समझ नहीं


Type of Activity: संवाद

Name of Event/Activity: स्राधांजलि सभा

Date: 28 November 2016

Time: 1 pm,             Location:   लाजपतनगर, दाउदवाट, भागलपुर  

 

Brief Description:

28 नवम्बर को महात्मा फुले की पुण्य तिथि पर उन्हें याद किया गया. पीस सेंटर ,परिधि की ओर से कार्यक्रम आयोजित किया गया था . एक सप्ताह तक कार्यक्रम विभिन्न स्थानों पर आयोजित होंगे .
महात्मा फुले ने समाज के दबे कुचले वर्ग के लिये शिक्षा का अभिक्रम चलाया . अपनी पत्नी को पढ़ाया . पत्नी सावित्री बाई फुले भारत की पहली महिला शिक्षिका बनी . देश में सावित्री बाई ने महिला शिक्षा के द्वार खोले .
महात्मा फुले सामाजिक गुलामी (जाति व्यवस्था) को राजनितिक गुलामी से बड़ा मानते थे . अपने सवर्ण मित्र के बारात से अपमानित होकर उन्हें वापस होना पड़ा था . जाति प्रथा के विरुद्ध लड़ने वाले वे महान रचनात्मक योद्धा थे,जिन्हें बाबा साहब ने भी अपना प्रेरणा स्रोत माना |

Theme:

Rationale: महान समाज सुधारको के बारे में दलित समुदाय को बताना ताहि हीनता बोध समाप्त हो |

Resource Person/s :-उदय और रामपुजन दास

 


 

29th October 2016 Diwali Milan

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23 October 2016 Stri Aur Samajik Nyay

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8th October Sadbhawna Sanwad 

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7th October Dashara Milan

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5th October 2016 Dharmik Ewam Waicharik Kattarta

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2nd October 2016 Event for Ahimsa Din

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30 Sept. 2016- सह संवाद- धर्म निरपेक्षता रास्ट्रवाद और दलित – पीस सेंटर भागलपुर

 

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25 Sept. 2016- महिला कविता गोष्ठी – कलाकेन्द्र भागलपुर

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Event for World Peace Day

विश्व शांति दिवस

इस अवसर पर निबंध प्रतियोगिता -अनेकता में एकता और शांति ॥ 80 प्रतिभागी शामिल ॥
प्रतियोगिता के बाद संवाद का आयोजन -विषय -शांति के लिये
मंच पर सुषमा , मो.फारुख , प्राचार्य आभा कुमारी , मो.शमशुल हक ,dr रामनारायण भास्कर ,dr अरविन्द कुमार , रूपम भारती ,सुजीत कुमार पांडे ॥

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15 Sept. 2016- युवा उत्प्रेरण -वैकल्पिक मिडिया

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8 Sept. 2016- Chhapra Sampradayik Hinsa ka Report Jaari – Bhagalpur

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4 Sept. 2016- Shanti ewam Manawta sammelan

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3 Sept. 2016 Sadbhawna sanwad- Chhapra

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Fact finding Mission – Chhapra, Bihar

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